सोने की कीमत एक बार फिर तेजी की वजह से चर्चा में है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में Gold तीन महीने के ऊंचे स्तर के करीब पहुंच गया है और लगातार तीसरे हफ्ते तेजी दर्ज की गई है। 21 अगस्त को स्पॉट Gold करीब 2.4% बढ़कर 4,623.94 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया।

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अगर आपके मन में भी सवाल है कि 𝗦𝗼𝗻𝗲 𝗸𝗶 𝗸𝗶𝗺𝗮𝘁 𝗸𝘆𝗼𝗻 𝗯𝗮𝗱𝗵 𝗿𝗮𝗵𝗶 𝗵𝗮𝗶, तो इसके पीछे एक नहीं बल्कि कई बड़े अंतरराष्ट्रीय कारण हैं। कमजोर अमेरिकी डॉलर, ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ती दिलचस्पी ने Gold को मजबूती दी है।

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Gold की हालिया तेजी में अमेरिकी डॉलर की कमजोरी का बड़ा असर देखने को मिला है। डॉलर कमजोर होने पर दूसरी करेंसी रखने वाले निवेशकों के लिए डॉलर में कीमत वाला Gold अपेक्षाकृत आकर्षक हो सकता है। यही वजह है कि डॉलर में गिरावट के साथ Gold की मांग को सहारा मिला है
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अमेरिकी Treasury की लंबी अवधि वाले सरकारी बॉन्ड की buyback योजना ने भी बाजार का ध्यान खींचा है। इस घोषणा के बाद डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ी, जिसका फायदा Gold को मिला।

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जब बाजार में आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक अक्सर ऐसी संपत्तियों की ओर देखते हैं जिन्हें सुरक्षित माना जाता है। Gold लंबे समय से ऐसे ही safe-haven asset के रूप में देखा जाता है।

अगस्त में Gold ETF में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। World Gold Council के अनुसार भारत में जुलाई के दौरान Gold ETF में 15.6 अरब रुपये का net inflow आया और अगस्त के शुरुआती दो हफ्तों में भी करीब 11.79 अरब रुपये का अनुमानित inflow रहा।

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अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों में बदलाव भी Gold के लिए सकारात्मक रहा है। अगर भविष्य में ब्याज दरों में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना कम होती है, तो बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों जैसे Gold की मांग को समर्थन मिल सकता है।

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भारत में भी Gold market में सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं। World Gold Council के मुताबिक अगस्त में घरेलू Gold prices में तेजी आई है और आने वाले festive season से पहले jewellery retailers तथा manufacturers की activity में सुधार देखने को मिला है।
हालांकि कीमत ज्यादा होने की वजह से कुछ ग्राहकों के लिए jewellery खरीदना महंगा हो सकता है। दूसरी तरफ निवेश के नजरिए से Gold में दिलचस्पी बनी हुई है।

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अभी यह कहना मुश्किल है कि Gold की कीमत आगे कितनी बढ़ेगी। इसकी दिशा अमेरिकी डॉलर, ब्याज दरों, Treasury की नीतियों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर काफी हद तक निर्भर करेगी।

फिलहाल बाजार में तेजी का momentum मजबूत दिखाई दे रहा है। Gold लगातार तीसरे हफ्ते बढ़त में रहा है और 21 अगस्त को तीन महीने से ज्यादा के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया।
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सीधे शब्दों में कहें तो 𝗦𝗼𝗻𝗲 𝗸𝗶 𝗸𝗶𝗺𝗮𝘁 𝗸𝘆𝗼𝗻 𝗯𝗮𝗱𝗵 𝗿𝗮𝗵𝗶 𝗵𝗮𝗶 इसका जवाब कई कारणों में छिपा है। कमजोर डॉलर, अमेरिकी Treasury का बॉन्ड buyback फैसला, ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें और safe-haven demand ने मिलकर Gold को मजबूत किया है।

अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या यह तेजी आगे भी जारी रहती है या Gold में कुछ समय के लिए profit booking देखने को मिलती है।