# उमर अब्दुल्ला का बड़ा बयान: सिंधु जल समझौते पर बोले- इसे हमेशा के लिए रद्द किया जाए
**श्रीनगर:** जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सिंधु जल समझौते को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते को फिलहाल निलंबित रखा जाना चाहिए और जम्मू-कश्मीर को अपनी नदियों के पानी का बेहतर इस्तेमाल करने का अधिकार मिलना चाहिए।
उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अक्सर कश्मीर के लोगों के हितों की बात करता है, लेकिन जब जम्मू-कश्मीर के पानी की बात आती है तो उसका रुख अलग नजर आता है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, क्षेत्र के लोगों ने लंबे समय से अपनी जल संसाधनों के इस्तेमाल पर प्रतिबंधों का असर झेला है।
## 'हमारी नदियों पर हमारा पहला अधिकार'
मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की नदियां यहां के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उनका कहना है कि सिंधु जल समझौते के कारण जम्मू-कश्मीर अपने जल संसाधनों का पूरी तरह इस्तेमाल नहीं कर पाया।
उमर ने यह भी कहा कि समझौते के कारण क्षेत्र को लंबे समय से नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने पाकिस्तान के उस दावे पर सवाल उठाया जिसमें वह खुद को कश्मीरियों का हितैषी बताता है।
## पहलगाम हमले के बाद समझौता हुआ था निलंबित
भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल समझौते को निलंबित करने का फैसला किया था। इसके बाद से भारत-पाकिस्तान के बीच पानी को लेकर विवाद और ज्यादा चर्चा में है।
उमर अब्दुल्ला का कहना है कि मौजूदा स्थिति में इस समझौते को फिर से लागू करने के बजाय इसे निलंबित ही रखा जाना चाहिए, ताकि जम्मू-कश्मीर अपने जल संसाधनों का अधिक प्रभावी तरीके से उपयोग कर सके।
**ByteVaani के लिए खास बात:** यह बयान भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे जल विवाद के बीच आया है और जम्मू-कश्मीर के जल संसाधनों के इस्तेमाल का मुद्दा एक बार फिर कें
द्र में आ गया है।

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