नमक से सॉफ्टवेयर और एयर इंडिया तक: ऐसे बढ़ता गया टाटा का विशाल कारोबार, जानिए कितनी बड़ी है कंपनी
नई दिल्ली: टाटा समूह को सिर्फ नमक, कार या चाय के कारोबार से जोड़कर देखना अब इसकी पूरी तस्वीर नहीं बताता। आज यह समूह एयरलाइन, ऑटोमोबाइल, आईटी, स्टील, पावर, रिटेल, वित्तीय सेवाओं और सेमीकंडक्टर जैसे कई बड़े क्षेत्रों में मौजूद है।is टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस की करीब 66 फीसदी हिस्सेदारी है और टाटा संस 30 से ज्यादा प्रमुख कंपनियों को नियंत्रित करता है।
एयर इंडिया से लेकर जगुआर तक बड़ा विस्तार
टाटा समूह के एविएशन कारोबार में Air India और Air India Express शामिल हैं। दोनों कंपनियों के पास मिलाकर करीब 300 विमानों का बेड़ा है। नवंबर 2024 में विस्तारा का एयर इंडिया में विलय हुआ, जिससे समूह की विमानन क्षमता और नेटवर्क का विस्तार हुआ। हालांकि एयर इंडिया अभी भी कई चुनौतियों और घाटे से जूझ रही है तथा कंपनी अपने कारोबार को सुधारने की प्रक्रिया में है।
ऑटो सेक्टर में टाटा मोटर्स ने भारत की कंपनी से आगे बढ़कर वैश्विक पहचान बनाई। साल 2008 में करीब 2.3 अरब डॉलर में जगुआर लैंड रोवर का अधिग्रहण इस विस्तार का बड़ा पड़ाव था। इसके बाद कंपनी ने यूरोप के कमर्शियल व्हीकल कारोबार में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए Iveco के अधिग्रहण की दिशा में कदम बढ़ाया।
TCS बना समूह की कमाई का बड़ा आधार
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS लंबे समय से टाटा संस के लिए नियमित नकदी और डिविडेंड का बड़ा स्रोत रही है। 1968 में शुरू हुई यह कंपनी दुनिया भर में बैंकिंग, मैन्युफैक्चरिंग, कंज्यूमर और मीडिया समेत कई क्षेत्रों को आईटी सेवाएं देती है।
हालांकि 2026 में TCS के शेयरों में 25 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई है। वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच कंपनियों के टेक्नोलॉजी खर्च में सावधानी इसका एक कारण माना गया है।
Zudio, Titan और BigBasket से रिटेल में दबदबा
टाटा समूह का कारोबार अब आम लोगों की रोजमर्रा की खरीदारी तक पहुंच चुका है। Zudio और Westside फैशन सेगमेंट में, Tanishq ज्वेलरी में और Croma इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल में बड़ा नाम बन चुके हैं। इसके अलावा BigBasket के जरिए ऑनलाइन किराना बाजार में भी समूह की मजबूत मौजूदगी है।
टाटा की कंपनियां भारत में Starbucks के साथ भी कारोबार करती हैं और 2026 तक देश के 80 शहरों में 500 से ज्यादा आउटलेट चलाने की जानकारी दी गई है।
अब सेमीकंडक्टर पर भी बड़ा दांव
टाटा समूह भविष्य के सबसे अहम माने जा रहे सेमीकंडक्टर सेक्टर में भी तेजी से निवेश कर रहा है। Tata Electronics गुजरात में सेमीकंडक्टर फैब और असम में चिप असेंबली एवं टेस्टिंग सुविधा विकसित कर रही है। इन परियोजनाओं का इस्तेमाल ऑटोमोबाइल, AI और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करने में किया जा सकता है।
पावर, स्टील और फाइनेंस में भी मजबूत पकड़
टाटा स्टील भारत और यूरोप में अपना कारोबार चलाती है, जबकि Tata Power बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन, रिन्यूएबल एनर्जी, सोलर मैन्युफैक्चरिंग और EV चार्जिंग जैसे क्षेत्रों में सक्रिय है।
वहीं Tata Capital, Tata AIA और Tata AIG के जरिए समूह की वित्तीय सेवाओं में भी बड़ी मौजूदगी है। Tata Communications क्लाउड, साइबर सिक्योरिटी और AI इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे नए क्षेत्रों में विस्तार कर रही है।
ByteVaani की खास बात
नमक से शुरू हुई पहचान आज एयर इंडिया, Jaguar Land Rover, TCS, Zudio, Tata Steel, Tata Power और सेमीकंडक्टर तक पहुंच चुकी है। यही विविधता टाटा समूह को भारत के सबसे बड़े और सबसे ज्यादा क्षेत्रों में फैले कारोबारी समूहों में शामिल करती है।

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